Monday, October 17, 2011

ਤੁੱਸਾ ਦਿਲ ਨਾ ਵੇਖਯਾ ਮੇਰਾ ਕਦੇ, 
ਨਾ  ਵੇਖੀ ਕਦੀ ਮੇਰੀ ਖੁਮਾਰੀ |
ਸਵਾਸਾ ਦੇ ਨਾਲ ਜਪਦੇ ਨਾ ਤੇਰਾ,
ਰੂਹ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦੀ ਹੈ ਤਯਾਰੀ |
ਲਫਜ਼ਾ ਦੇ ਨਾਲ ਬੈਰ ਪੁਰਾਣਾ,
ਏਹ੍ਸਾਸਾ ਦੀ ਹੈ ਭਰੀ ਪਟਾਰੀ  |
ਓਹ ਕਦੀ ਪੂਛੀ ਹਾਲ ਉਸ ਪੰਛੀ ਦਾ ਵੀ,
ਪਰ ਹੋੰਦੇਯਾ ਜਿਨ ਨਾ ਕਦੇ ਭਰੀ ਉਡਾਰੀ |
ਕਿੰਜ ਰੀਝਾ ਲੈ ਕੇ ਬੈਠਾ ਨੀਮਾਨਾ,
ਕਦ ਹੀਰ ਹੋਵੇ ਉਸਦੀ ਮਤਵਾਰੀ |

Monday, October 10, 2011

लग्गी इश्क दी ते बस आशिक जाने


लग्गी  इश्क दी ते बस  आशिक  जाने 
ना ओह धुप  ना  फिर  बारिश  माने 
ना  फिर दर्द  पथरा दे राँझा सेहंदा
ना हीर भजदी  रेत गर्म  ते
महिवाल  ने  कादो  किती  आह पट चिरवा के 
ना आखदी सोहनी खुरदे  घड़े नोह पार लगावे 
ससी हुई एक तस्वीर दी दीवानी 
पुन्नु ने कदों पीता पानी 
दिने जगावे सोन ना देवे राता नोह 

लग्गी  इश्क दी ते बस  आशिक  जाने 
ना ओह धुप  ना  फिर  बारिश  माने 

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This one I said when I am at my emotional peek and got my first award in Paxcel - 
गुजरते चले गये हम  जहाँ से 
खुशियों  के  ऐसे  ही निशा होंगे.
छोड़ किनारे को  आये  हम 
यारो अब लहरो  में जवान  होगे 

Random


बरसते तो बादल भी है मेरी  इन आँखों की तरह
फिर बरसने पर उन  के क्यों  बहार  आती  है...
होगा तो  दर्द रब को  भी  कोई
वरना कहाँ आँसू की एक बूंद बाहर आती  है..

इश्क ते ना हसदा कोई

For modern day Ranjhaa's who drink a lot and then tell u I m in love.

इश्क  ते  ना  हसदा  कोई 
हसदे  लोग  तां  रांझे ते 
आखे चढ़ाया इश्क दा मैनू सरूर 
जाके ओह  महखाने  ते ...

नशा  इश्क  दा ना  मुकदा कदे
मूकदे नशे सिर्फ महखाने दे.

यार  दे  दीदार दा  नशा 
यार  दे  प्यार  दा  नशा
यार  तो  तकरार  दा  नशा
यार  दे  इन्तेजार  दा  नशा 

नशा  गम -इ  इश्क  दा
नशा  इश्के  जश्न  दा
नशा  हीर  दी  हँसी  दा 
नशा  रांझे  दी ख़ुशी  दा  


ओ  जीना  ने  दिल  दिला नाल  लाये 
उना  दे अंग  अंग  नशेया  ये .
बिक दा बोतल  विच  ता  पानी  है 
नशे  इश्क  दा  ना  कोई  सानी  है . 

इश्क  ते  ना  हसदा  कोई 
हसदे  लोग  तां  रांझे ते 


Monday, April 26, 2010

But I will still try

Yes I know
I deserve to be thrown out
dumped and left alone to rout
All my faiths be reciprocated with doubt
lose everything for being stubborn n stout

But I will still try -
To Squeeze life n make dripping love turn into spout

Yes I know
I deserve to live a life called rut
dream of marriage by being a slut
cheat myself n pose to others as strut
Lick others and being their mutt

But I will still try -
To believe my heart and hear my gut


Yes I know
I should shut my mouth and be buried deep
I may not survive while u celebrate sleep
Air is thick and I should take next leap
Sorrows I will have and smiles u keep

But I tried, I am trying n I will try -
To survive,revive n thrive but not to weep

Saturday, April 18, 2009

Story Continues...

ना इश्क मालूम है मुझे
ना जूनून का ही है पता
ना इबादत का इलम है
ना खुदा से ही हूँ मिला

फिर क्यों हर चेहरे में तू नजर आता है
क्यों धड़कने बढ़ जाती है देख कर तुझे
क्यों सांसो में महक है तेरी
क्यों हर आहट में है तेरा साया

अनजाने में खीचा में ओर तेरी
ना चाह कर भी फिसलती रही डोर मेरी
अब हर पल मैं तुझ से बातें किया करता हूँ
फिर से वोही पागलपन,वोही दीवानगी मेरी

कहते है सब दिल कहाँ दीखता है आँखों से
क्या तुझे भी चेहरों से ही, प्यार करना है आता?
क्या तेरी नज़रे देख पायेगी मेरी चाहत को
या की तू भी कहेगा हम दोस्त तो है कम-स-कम

शायद..शायद तुने सोचा ना हो मेरे बारे में कभी
पर सहसा एहसास तो कभी कोई आया होगा
ना नम हूई आँखे तेरी, तो ना सही
पर एक कतरा चुबन का , तो कभी तुने पाया होगा

क्या तुझे भी है प्यार, मेरी ही तरह टूट कर?
या की तू अभी और अज्माना चाहता है
पागल,दीवाना और ना जाने क्या क्या कह गए लोग मुझे
मेरा दिल तो तेरा आशिक कहलाना चाहता है

लाफ्झो के तराने ना शोंक था मेरा
पर अमोमन ही उठे कलम को ना मैं रूकना चाहता हूँ
पाना नहीं खोना था मुझे तो इस जग में
पर मैं अब खुद को खो कर तुझको पाना चाहता हूँ

मालूम है मुझको
ना एहसास ही है पूरे मेरे
ना डर ही है अधूरा मेरा
ना तो होश में ही हूँ आज मैं अपने
ना की बेहोश ही हो पा रहा हूँ
ना गीतों का था शोंक मुझे
जाने क्यों मैं आज फिर गुनगुना रहा हूँ...गुनगुना रहा हूँ

ना इश्क मालूम है मुझे
ना जूनून का ही है पता
ना इबादत का इलम है
ना खुदा से ही हूँ मिला
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Gagan
My heart is still beating I thought I turned it off some time back…