A Typical Indian story, bhaut lambi hai...
Character is somebody like you who loves a girl but does not have courage to tell her. He is an intense lover but his inability to express hurts him bad and now he wants his love to understand it on her own. A little confuse and dejected with everything –
क्या मेरे दिल की आवाज़ तुम्हारे दिल तक नहीं पहुचती
क्यों बार बार खट खटने पर भी तुम दरवाजा नहीं खोलती
क्यों मुझे लगता है की उस पार तुम इसही दरवाजे से सटी हो
क्यों मेरे प्यार का फिर इम्तेहान लेने पर डटी हो
After no response character felt bad -
कभी कभी मै सोचता हूँ
की क्या कभी ऐसा भी होगा
की कोई मुझे चाहे गा
शायद नहीं..शायद कभी नहीं
तो फिर क्यों मै चा हूँ किसी को टूट कर
क्यों बिखरा दू अपने आप को
ज्यो गिरा हो जाम हाथ से छोट कर
Then he immediately realizes that he is helpless –
पर कमबख्त दिल कहाँ सुनता है मेरी
ये ना जाने क्यों बार बार तेरी ही गली मे पहुच जाता है
बंद है तेरा दरवाजा इसे मालूम है
फिर भी ये मासूमियत से पूछना चाहता है
क्या तुम हो उधर? क्या तुम मुझे सुन रही हो?
और खुद को ही दिलासा देकर ये चुप हो जाता है
तुम हो, सुन रही हो मुझे, मुझे मालूम है
और मायूस हो कर जब वापस लोटते है कदम
तो एहसासों का एक जलजला इसे फिर से रोकना चाहता है
चूक ना जाये एक पल से, ये दिल डरता है
शायद अब के खुल जायेगा वो बंद दरवाजा, मेरी किस्मत सा
With his melting heart and tears in eyes, he was thinking –
शायद तो सुनना ना चाहती हो
शायद मै कभी कह भी ना सकू
तुझे चाहने वालो की भीड़ में
मै अनचाहा सा फ़कीर हूँ
मांगता कुछ ज्यादा नहीं
बस एक झलक का इश्तिआक(longing) हूँ
Can’t beg in his real life but he is begging now…on his knees, hands crossed and eyes closed
पर अगर तू दरवाजे के उस पार है
कान लगाये मेरे आने की आहट
और फिर बिना कुछ कहे चले जाने को सुन रही है
तो एक बार ही सही खोल दे वो दरवाजा
मै तेरी एक झलक ही सीने से लगा लूगा
पाना तो कभी ख्वाइश ही नहीं थी मेरी
तू भी चाहती है दिल एक कोने से मुझको
बस इसी उलास में जिंदगी बिता लूगा
और जब येही सासे छोड़ देगी साथ मेरा
तो शिकवा तो ना होगा की, हमे किसी ने चाहा नहीं
तेरा वो दरवाजा खोलना देगा रूह को तशाफ्फी मेरी
Rain started to pour; dejected with God he looks up to the sky, with his both hands pointing upwards asking for help –
क्या रब मुझे भी देख रहा होगा
क्या वो हमेशा की तरह चुप रहेगा
क्यों वो मेरी मदत नहीं करता
Again some anger, he strike his hands on ground with full force
मुझे तुम से हो गया है प्यार इसमें मेरी गलती नहीं
इस चाहत को परवानगी मिले, इसमें तेरी रजा भी नहीं
अब दीवारों मे सर दे मारने को जी चाहता है
जिसकी खता है वो भी तो कही मिलता नहीं(खुदा)
But nothing is happening; he gets up and started to walk back. Thinking about her and her problems and why she could not respond to him -
इतना आसां भी नहीं है कह देना ये मानता हूँ
आखिर हम है तो इंसान ही ये जानता हूँ
बंधे रिश्तो परमपराऊ में, छटपटाते है हम
बांध कर खुद को सलाखों से तर पाते है हम
क्यों अपने को खुद से जुदा करना इतना है मुश्किल
क्यों ढाल लिया है हमने खुद को अलग अलग साँचो में
बेफिक्रा,समझदार, लायक, नालायक और जाने क्या क्या कहते है हम खुद को
क्यों पानी सा नीराकार, निरंग होना इतना है मुश्किल
ढल जाऊ उस अकार मे जिस में समाऊ,हो रंग वो जो है तुम्हारा
पर खुद को चाहते है हम इतना
की दुसरे की चाहत पाना है मुश्किल
डरते है दुनिया से क्यों की जीतना है मुश्किल
पछताना नहीं है मुझे, ना मिलेगा दूजा मोका
मै खुद को अपने से जुदा कर तुम को सोंप दूंगा
वो रंग होगा मेरा जिस से तुम मुझे छूओगी
उस आकार में ढल जाऊगा, मै तेरे प्यार में ढल जाऊगा
खोल दे वो दरवाजा क्यों की तुझे देखे बिना मे आज नहीं जाऊगा
With a splash of water on his face, he gets up, rub his eyes and see his friends dancing and chanting holi hai Holi hai….WoW what a dream it was..my nerves may have bursted if these crazy guys did not woke me up. And then suddenly sound goes out of life….you just see every thing, dancing friends, laughing, rolling on ground but no sound, absolute MUTE -
फिर वोही जिंदगी हो गयी शुरू
परिवार, जीमेदारिया और मै...नकली मै
फिर वो आसमान को छो लेनी की ख्वाइशे
फिर वोही झूठा दिखावा
वोही बार बार..हर बार कहना जिन्दा हूँ मै
With a smile on his face he joins those crazy people:)
Story is OVER…numbering started from the bottom
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hey!! cool!
ReplyDeletehow come i did not read this before? chalo main to bevakoof ki category main aa gayi. :)